स्योहारा में इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह ने अपराधों पर लगाया अंकुश
स्योहारा में पिछले कुछ महीनों से अपराध का ग्राफ जिस तरह थमा है, उसे देखकर साफ महसूस होता है कि थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह की कार्यशैली ने न सिर्फ लोगों का भरोसा लौटाया है बल्कि अपराधियों के हौसले भी चूर-चूर कर दिए हैं। छोटे-मोटे छूटपुट मामलों को छोड़ दें तो स्योहारा में पिछले लगभग तीन महीनों से कोई बड़ा अपराध सामने नहीं आया और जिन घटनाओं की जानकारी मिली, उन पर पुलिस ने बिना देर किए त्वरित कार्रवाई करते हुए अपनी मौजूदगी का सख्त संदेश दिया। हालात यह हैं कि अपराधी अब स्योहारा की सीमा में कदम रखने से पहले ही कई बार सोचने लगे हैं और कई पुराने नामचीन बदमाश तो क्षेत्र छोड़कर ही जा चुके हैं, जिससे आम लोगों में एक तरह की सुरक्षा, सहजता और चैन की सांस लौटी है। थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह की चौकस निगरानी, रात-दिन गश्त, टीम की मजबूत पकड़ और किसी भी सूचना को हल्के में न लेने की नीति ने कस्बे को वह भरोसा दिया है जिसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। बाजार हो या सुनसान गलियां—हर जगह पुलिस की मौजूदगी ने माहौल को इस कदर सुरक्षित बनाया है कि स्थानीय लोग भी खुलकर कहने लगे हैं कि अगर कानून व्यवस्था इसी तरह मजबूत बनी रही तो स्योहारा जल्द ही अपराध-मुक्त कस्बों की सूची में शामिल हो जाएगा। जनता के मन में यह विश्वास बना है कि पुलिस अब सिर्फ वर्दी का नाम नहीं बल्कि सुरक्षा और भरोसे की गारंटी बन चुकी है, और यह बदलाव थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह की सख्त, सजग और निष्ठावान कार्यशैली का परिणाम है, जिसने स्योहारा को एक नए, अधिक सुरक्षित दौर की ओर बढ़ा दिया है।क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ महीनों में जो सकारात्मक बदलाव दिखाई दिया है, उसने पुलिस की गंभीरता और थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह की प्रतिबद्धता को और मजबूत तरीके से सामने ला दिया है। दिन हो या रात, सड़कों पर पुलिस की पैनी नजर और नियमित गश्त ने आपराधिक तत्वों की चाल पर ऐसा पहरा बैठा दिया है कि बदमाशों की गतिविधियाँ लगभग थम-सी गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां कुछ युवकों के ग्रुप देर रात तक घूमते दिखाई देते थे, वहीं अब पुलिस की सख्ती और निरंतर निगरानी के चलते ऐसे नज़ारे लगभग गायब हो चुके हैं, जिससे आम जनता में सुरक्षा की भावना और गहरी हुई है। थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह ने हर शिकायत को प्राथमिकता देते हुए जिस तेजी से कार्रवाई की है, उससे न सिर्फ पीड़ितों को राहत मिली है बल्कि अपराधियों तक यह साफ संदेश भी पहुंचा है कि स्योहारा में कानून से ऊपर कोई नहीं। टीमवर्क, रणनीति और जमीनी स्तर पर पुलिस की सक्रियता ने कस्बे में शांत माहौल की वह तस्वीर बनाई है जिसे लोग लंबे समय से देखना चाहते थे। दुकानदार हों या आम राहगीर—हर कोई महसूस कर रहा है कि पुलिस की चौकसी ने स्योहारा को एक सुरक्षित दिशा दी है, जहां अपराध करने की हिम्मत अब कोई नहीं जुटा पा रहा। क्षेत्र में बनी इस नई व्यवस्था ने थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह और उनकी टीम को जनता का भरोसा ही नहीं, बल्कि सम्मान भी दिलाया है, क्योंकि जनता अब खुलकर कह रही है कि पुलिस ने अपने सख्त और ईमानदार रवैये से स्योहारा को भय-मुक्त माहौल देने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है।स्योहारा से संजय सागर की रिपोर्ट✍️
