विद्यालय की प्रधानाचार्या गरिमा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं। उन्होंने सभी छात्रों से जिम्मेदार, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनने का संकल्प लेने का आग्रह किया।कार्यक्रम के अंत में सभी को मिष्ठान वितरित किया गया। यह आयोजन सभी के लिए यादगार एवं प्रेरणादायक रहा।
द हेज़लमून स्कूल चांदपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77वाँ गणतंत्र दिवस
द हेज़लमून स्कूल में 77वाँ गणतंत्र दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर तिरंगे की छटा और उत्साह से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की छात्राओं देवेशी सिंह एवं स्वास्तिक अग्रवाल ने प्रभावी ढंग से किया।इस गौरवमयी अवसर पर विद्यालय के माननीय चेयरमैन अनिरुद्ध मित्तल ,निर्देशिका शक्ति अनिरुद्ध मित्तल, अनमोल मित्तल तथा श्रुति मित्तल उपस्थित रहे,उनके द्वारा राष्ट्रध्वज का अनावरण किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।कार्यक्रम में सर्वप्रथम छात्रा आरोही ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। इसके पश्चात राम अग्रवाल ने हिंदी भाषण द्वारा देश के प्रति अपने भाव प्रकट किए। इशिका छिल्लर, गौरी चौधरी, रिद्धिमा राजपूत, कावेरी सिंह, हंसिका सैनी, परी, परिधि माहेश्वरी, रॉयना जुनेजा, अभि ढाका, आराध्या शर्मा, मिस्ठी अहलावत, अमायरा यादव, सौम्या चौधरी एवं श्रुति राजपूत ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य प्रस्तुति के दौरान स्केटिंग द्वारा रबनवाज मलिक, ओम गोयल, आकर्ष अग्रवाल, बुरहान मलिक, अथर्व बंसल, श्रेष्ठ पाल, आरिज़ अहमद, उज़ैर मलिक, मेहुल वैश्य, दक्षप्रीत सिंह सिद्धू, दिविषा गुप्ता एवं शिववर्धन सिंह ने विशेष आकर्षण बढ़ाया।दिशा भाटिया ने अंग्रेजी भाषण एवं मिस्ठी अहलावत ने देशभक्ति कविता प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया।इस अवसर पर द हेज़लमून स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77वाँ गणतंत्र दिवसविद्यालय के चेयरमैन अनिरुद्ध मित्तल ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, ईमानदारी और देशभक्ति के मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। विद्यालय की निर्देशिका शक्ति अनिरुद्ध मित्तल ने गणतंत्र दिवस के महत्व को बताते हुए कहा कि हमारा संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है। उन्होंने सभी को भारतीय संस्कृति और संवैधानिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
