इसके उपरांत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम को विधिवत आरंभ किया गया।ध्वजारोहण के पश्चात विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय गान, लक्ष्य गीत, वंदे मातरम, राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुंदर प्रस्तुति दी गई। विद्यार्थियों ने जागरूकता पर आधारित नाटकों के माध्यम से मतदान के महत्व, सड़क सुरक्षा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नागरिक कर्तव्यों एवं राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त देशभक्ति गीतों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।इस अवसर पर प्रधानाचार्य हरवीर सिंह तोमर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपस्थित सभी क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षकगण, स्वयंसेवक-सेविकाओं एवं विद्यार्थियों को मतदाता शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से अपील की कि वे समय पर अपना वोटर आईडी कार्ड बनवाएं, लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें तथा अपने मत का प्रयोग निष्पक्ष, निर्भीक एवं जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर की सराहना करते हुए कहा कि एन.एस.एस. विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती है।मुख्य अतिथि डॉ. राम प्रकाश शर्मा ने अपने उद्बोधन में स्वयंसेवक-सेविकाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही देश की असली ताकत है और राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व, सेवा एवं सामाजिक चेतना का विकास होता है।
जयवीर सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उन्हें अनुशासित जीवन, नैतिक मूल्यों एवं देशहित में कार्य करने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन प्रशांत कुमार तोमर, कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना (प्रथम इकाई) द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे विशेष शिविर की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए सभी स्वयंसेवक-सेविकाओं के योगदान की सराहना की।इस अवसर पर समरपाल सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, शुभम कुमार, दयाराम सिंह, डॉ. रतनलाल सिंह, इंतजार अहमद, तौफीक अहमद सहित गांव एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति, अभिभावक गण तथा विद्यालय स्टॉफ कुलवेंद्र सिंह, कावेंद्र सिंह, सुमित कुमार, रोहित कुमार, सुधांशु शर्मा, कुलदीप कुमार, शिखा रानी, पवन लता रानी, अनूपा रानी, रेशु अलंकार, डोली, कु आयुषी, कु नीलाक्षी, कु प्रतिक्षा, कु राखी, अंजू, आदि विद्यालय स्टॉफ का सहयोग रहा।
