कालानी नगर में राहुल द्विवेदी तथा एरोड्रम थाने के पास संदीप दुबे, अशोक दुबे द्वारा किया गया। इन दोनों स्थानों पर क्रमशः एनर्जी ड्रिंक एवं लस्सी वितरित की गई। श्री प्रमोद दुबे के निवास स्थान गांधीनगर पहुंचने पर उनकी माता समाजसेवी शशीबाला दुबे तथा काकी नर्मदा बाई दुबे, अंतिम दुबे,अनिल जोशी, मुकेश जोशी, कैलाश जोशी , हीरालाल जोशी, पंडित देवेंद्र दुबे, पुनीत दुबे, अनिल शर्मा , माणक जोशी, सचिन दुबे, अमित दुबे, आदित्य दुबे, अनूप शर्मा, शुभम शर्मा, पंकज दुबे एवं क्षेत्रीय समाज बंधुओं ने सभी प्रतिभागियों को केसरिया दुपट्टा पहना कर जोरदार भाव भीनी अगवानी की। शशिबाला दुबे ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि आप सभी समाज जनों का स्वागत करते हुए मैं,मेरा परिवार तथा गांधीनगर के समाजजन हर्षित है मुझे ऐसा लग रहा है कि आज मेरा घर आप सभी के आने से समाज का मंदिर बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन ,कार्यक्रम समय-समय पर निरंतर किए जाना चाहिए ताकि समाजजन एक दूसरे को पहचान सके तथा संगठित हो सके। महासंघ के महासचिव उमेश द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से सक्रिय रहकर स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए।”महासंघ का ध्वज घड़ी (तह) करके प्रीतिका दुबे ,अनुराधा दुबे,अंशु दुबे, साधना जोशी, प्रह्लाद दुबे, दिलीप दुबे,अमित दुबे ने महासचिव उमेश द्विवेदी को सौपा उन्होंने इसे मस्तक पर धारण किया। वॉकथान में 100 से अधिक महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और लगभग 2 घंटे 40 मिनट में 11 किलोमीटर की यह पदयात्रा हंसते, मुस्कुराते, गाते, फ़ोटो ग्राप्स एवं सेल्फी लेते हुए पूर्ण की। 13 -14 साल की बच्चियों से लेकर 76 वर्ष तक के वरिष्ठ जन वॉक थान मे साथ-साथ चल रहे थे। किसी के भी चेहरे पर ज़रा सी भी थकान शिकन नहीं थी। सभी यह कहते पाए गए की 5 किलोमीटर ओर चल सकते थे।
वॉक थान में देवास से जयंत शर्मा, अनुराधा दुबे, कोमल दुबे भी सम्मिलित हुए।कार्यक्रम के अंत में वॉकथान के प्रवर्तक तथा सर्व ब्राह्मण युवा परिषद के अध्यक्ष प्रमोद दुबे आपका स्वागत करते हुए महासचिव उमेश द्विवेदी ने कहा कि सही माने में वॉक थान की सफलता कैसे प्रमोद को ही जाता है क्योंकि उन्होंने ही आगे बढ़कर इस मुक्त रूप देने का संकल्प लिया था। प्रमोद ने सभी प्रतिभागियों, सहयोगियों एवं समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहां की समाज जनसंख्या अवसर देगा मैं हर प्रकार की सेवा के लिए तत्पर हूँ। महासंघ द्वारा गांधीनगर से पुनः महासंघ कार्यालय तक आने हेतु वाहनों की व्यवस्था की गई थी।
