सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गुलाबबाड़ी,मुरादाबाद में सोमवार को जलियांवाला बाग हत्याकांड की 107 वीं स्मृति दिवस, वैशाखी समारोह, डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती का आयोजन किया गया।मुख्य अतिथि ओमप्रकाश शास्त्री (प्रांत प्रौढ़ कार्य प्रमुख, मेरठ प्रांत),मेजर राजीव ढल( प्रदेशअध्यक्ष,वंदे भारत राष्ट्रवादी संगठन), मधुर कुमार (सीआर पी एफ), कपिल देव (प्रधानाचार्य संजय मन्नू बडेरा सरस्वती विद्या मन्दिर इ.कालेज बागड़पुर),संजय सिंह (प्रधानाचार्य स0वि0म0 कटघर),धीरज प्रताप सिंह (आर्मी),आजाद कुंवर सिंह (सूबेदार मेजर थलसेना), देवेश सिंह, आदेश चौहान (पूर्व प्रधानाचार्य)विद्यालय के प्रबंधक बृजेश चंद्र सिंह,विद्यालय के प्रधानाचार्य रवेन्द्र कुमार आदि ने मां शारदे के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित कर तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा सभी अतिथियों का तिलक लगाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत व सम्मान किया।विद्यालय के भैया बहिनों के द्वारा अनेक देश भक्ति से ओत प्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किए।मुख्य अतिथि ओम प्रकाश शास्त्री ने जलियांवाला बाग हत्याकांड पर बोलते हुए ,कहा कि जालियाँवाला बाग हत्याकांड भारत के पंजाब प्रान्त के अमृतसर में स्वर्ण मन्दिर के निकट जलियाँवाला बाग में 13 अप्रैल 1919 (बैसाखी के दिन) हुआ था। रौलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी जिसमें जनरल डायर नामक एक अंग्रेज ऑफिसर ने अकारण उस सभा में उपस्थित भीड़ पर गोलियां चलवा दीं जिसमें 4 सौ से अधिक व्यक्ति मरे और 2 हजार से अधिक घायल हुए जबकि जलियांवाला बाग में कुल 388 शहीदों की सूची है। ब्रिटिश राज के अभिलेख इस घटना में 2 सौ लोगों के घायल होने और 379 लोगों के शहीद होने की बात स्वीकार करते है। यदि किसी एक घटना ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर सबसे अधिक प्रभाव डाला था तो यह घटना जघन्य हत्या काण्ड ही था। माना जाता है कि यह घटना ही भारत में ब्रिटिश शासन के अंत की शुरुआत बनी।मेजर जनरल राजीव ढल ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से प्रारंभ होकर देश स्वतंत्र होने तक अपने विचार व्यक्त किए।इसके बाद मधुर कुमार ने एक गीत के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की कथा को व्यक्त किया।संजय मन्नू बडेरा के प्रधानाचार्य कपिल देव ने जलियां वाला बाग पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य रवेन्द्र कुमार ने सभी आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी को जलियांवाला बाग हत्या काण्ड,बैसाखी समारोह और अम्बेडकर जयंती की सभी को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर समस्त आचार्य बंधु बहिनें और भैया बहन उपस्थित रहे।इस कार्यक्रम में सभी आचार्य बंधु बहिनों का सहयोग रहा।सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गुलाबबाड़ी,मुरादाबाद में सोमवार को जलियांवाला बाग हत्याकांड की 107 वीं स्मृति दिवस, वैशाखी समारोह, डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि ओमप्रकाश शास्त्री (प्रांत प्रौढ़ कार्य प्रमुख, मेरठ प्रांत),मेजर राजीव ढल( प्रदेशअध्यक्ष,वंदे भारत राष्ट्रवादी संगठन), मधुर कुमार (सीआर पी एफ), कपिल देव (प्रधानाचार्य संजय मन्नू बडेरा सरस्वती विद्या मन्दिर इ.कालेज बागड़पुर),संजय सिंह (प्रधानाचार्य स0वि0म0 कटघर),धीरज प्रताप सिंह (आर्मी),आजाद कुंवर सिंह (सूबेदार मेजर थलसेना), देवेश सिंह, आदेश चौहान (पूर्व प्रधानाचार्य)विद्यालय के प्रबंधक बृजेश चंद्र सिंह,विद्यालय के प्रधानाचार्य रवेन्द्र कुमार आदि ने मां शारदे के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित कर तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा सभी अतिथियों का तिलक लगाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत व सम्मान किया।विद्यालय के भैया बहिनों के द्वारा अनेक देश भक्ति से ओत प्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किए।मुख्य अतिथि ओम प्रकाश शास्त्री ने जलियांवाला बाग हत्याकांड पर बोलते हुए ,कहा कि जालियाँवाला बाग हत्याकांड भारत के पंजाब प्रान्त के अमृतसर में स्वर्ण मन्दिर के निकट जलियाँवाला बाग में 13 अप्रैल 1919 (बैसाखी के दिन) हुआ था। रौलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी जिसमें जनरल डायर नामक एक अंग्रेज ऑफिसर ने अकारण उस सभा में उपस्थित भीड़ पर गोलियां चलवा दीं जिसमें 4 सौ से अधिक व्यक्ति मरे और 2 हजार से अधिक घायल हुए जबकि जलियांवाला बाग में कुल 388 शहीदों की सूची है। ब्रिटिश राज के अभिलेख इस घटना में 2 सौ लोगों के घायल होने और 379 लोगों के शहीद होने की बात स्वीकार करते है। यदि किसी एक घटना ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर सबसे अधिक प्रभाव डाला था तो यह घटना जघन्य हत्या काण्ड ही था। माना जाता है कि यह घटना ही भारत में ब्रिटिश शासन के अंत की शुरुआत बनी।मेजर जनरल राजीव ढल ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से प्रारंभ होकर देश स्वतंत्र होने तक अपने विचार व्यक्त किए।इसके बाद मधुर कुमार ने एक गीत के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की कथा को व्यक्त किया।संजय मन्नू बडेरा के प्रधानाचार्य कपिल देव ने जलियां वाला बाग पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य रवेन्द्र कुमार ने सभी आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी को जलियांवाला बाग हत्या काण्ड,बैसाखी समारोह और अम्बेडकर जयंती की सभी को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर समस्त आचार्य बंधु बहिनें और भैया बहन उपस्थित रहे।इस कार्यक्रम में सभी आचार्य बंधु बहिनों का सहयोग रहा।