अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए *रणवीर सिंह सोलंकी, रिध्यांशी गुप्ता, ध्रुव सोन्प, शिवार्ष असोलिया, मान्या कुशवाहा, भुवनेश जायसवाल और अक्षिति बर्डे* ने मेरिट पुरस्कार हासिल किया। प्रतियोगिता में शानदार प्रयास करने वाले अन्य विद्यार्थियों में *उपन्या सोलंकी, मनन सबनानी, अनुष्का वर्मा, भावना सुथार, वृंदा पवार, श्लोक पवार, रबदीन सिंह भाटिया, वेदाक्षरा तिवारी और दिव्यांका तिवारी* शामिल रहे, जिन्होंने कंसोलेशन पुरस्कार जीतकर अपनी योग्यता साबित की।हजारों बच्चों के बीच *चैतन्य रोहित* का 'चैंपियन' बनना और अन्य विद्यार्थियों का टॉप रैंक हासिल करना यह दर्शाता है कि एमपीएएस खंडवा रोड लिंबोदी सेंटर शिक्षा और मानसिक विकास के क्षेत्र में उत्कृष्टता का नया पैमाना सेट कर रहा है। सभी विजेताओं के पालकों ने इस सफलता का श्रेय शशि दुबे की अनूठी शिक्षण शैली को दिया है।इस शानदार उपलब्धि पर पूरे लिंबोदी क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और केंद्र को लगातार बधाइयां मिल रही हैं।
उज्जैन में आयोजित नेशनल एबेकस प्रतियोगिता में लिंबोदी सेंटर का दबदबा, चैतन्य रोहित बनीं नेशनल चैंपियन
उज्जैन की पावन नगरी में आयोजित *नेशनल लेवल (माइंड पावर एबेकस सिस्टम) कॉम्पिटिशन* में इंदौर के खंडवा रोड लिंबोदी स्थित सेंटर के विद्यार्थियों ने अपनी बौद्धिक प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए केंद्र का नाम पूरे देश में रोशन किया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से 1हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें लिंबोदी सेंटर के छात्रों ने अपनी एकाग्रता और गणना की अद्भुत गति से बड़ी सफलता हासिल की।लिंबोदी फ्रेंचाइजी की ओनर और शिक्षिका *श्रीमती शशि दुबे* के कुशल मार्गदर्शन और कठोर प्रशिक्षण के चलते इन छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई। दुबे ने बताया कि यह जीत बच्चों की मेहनत और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का विवरण इस प्रकार है। इस राष्ट्रीय स्पर्धा में *चैतन्य रोहित* ने चैंपियन का खिताब जीतकर केंद्र का नाम शीर्ष स्थान पर पहुँचाया। उनके साथ ही *शिवांश शाश्वत* ने फर्स्ट रनर-अप, जबकि *अर्निका गर्ग, धैर्य परमार, हिया गुप्ता, कृष्णा मालवीय और प्रिंसेस मालवीय* ने सेकंड रनर-अप का स्थान प्राप्त किया। *संजय कांची* थर्ड रनर-अप और *भास्कर कौशल* ने फोर्थ रनर-अप का पुरस्कार जीता।
