मामले की गंभीरता को देखते हुए संगठन द्वारा 10 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट के आधार पर संगठन आगामी रणनीति तय करेगा।बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों को पत्रकारों के कार्य में हस्तक्षेप करने के बजाय लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना चाहिए। प्रशासनिक महामंत्री नवाजिश खान,अनीस सिद्दीकी,संजय चौधरी, कुशल पाल चौधरी, डॉक्टर दानिश खान, पारस पवार , सुशील मोगा अफजल खान, दिलशाद राणा सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उन्हें निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक समाचार प्रकाशित करने का पूरा अधिकार है। सच्चाई को सामने लाने से रोकने का प्रयास लोकतंत्र को कमजोर करने जैसा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की कोई जाति, धर्म या वर्ग नहीं होता, बल्कि वे समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने वाले एक परिवार के सदस्य हैं।बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए पत्रकार एकता पर बल दिया तथा कहा कि पत्रकारों को डराने या दबाव बनाने की किसी भी कोशिश का संगठित रूप से विरोध किया जाएगा।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पत्रकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्तर पर प्रत्येक जिले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर पत्रकारों की समस्याओं और मांगों से अवगत कराया जाएगा।इस दौरान सतीश आजाद, नीलम सैनी, शराफ़त मिर्जा,खालिद मलिक, शमीम अली,मोहम्मद शमीम ,डॉक्टर राशिद ,आस मोहम्मद, साक्षी सैनी, शक्ति चौधरी अक्षय कुमार ,शादाब मलिक,खलील अहमद आदि मौजूद रहे।
सहारनपुर में सर्व दलीय समिति की बैठक में पत्रकारों के हितों पर विचार विमर्श किया गया
सहारनपुर: पत्रकार एवं बीजीटी न्यूज के संपादक सचिन चौधरी से जुड़े प्रकरण को लेकर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक गुर्जर भवन में आयोजित की गई। बैठक में जिले भर से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया और पत्रकारों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता का परिचय दिया।बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष एवं उत्तराखंड प्रभारी आलोक तनेजा ने की। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पत्रकार सचिन चौधरी ने संगठन के समक्ष एक जनप्रतिनिधि द्वारा उन्हें कथित रूप से निशाना बनाए जाने का मामला रखा तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निष्पक्ष रूप से कार्य करने का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी प्रकार का दबाव लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
