अर्पित एवं अंजू की जोड़ी ने 'जय जय शिव शंकर कांटा लगे ना कंकर' व 'ओ साथी चल मुझे लेकर साथ चल' गाकर कार्यक्रम को ऊंचाईया प्रदान की।अजय बक्षी ने 'चल अकेला चल अकेला' गाकर बहुत दाद बटोरी, महेश उपाध्याय एवं सुनीता उपाध्याय के द्वारा गाया गया 'गीत आंखों आंखों में हम तुम' भी पसंद किया गया। दिव्यांग युवा विशाल तिवारी एवम् जयांशु बैरागी के द्वारा गए गए गीतों पर बहुत देर तक तालियां बजती रही।दिलीप सोनी एम विष्णु सोनी ने भी प्रस्तुति दी। संगीत संध्या का समापन 'ए मालिक तेरे बंदे हैं हम' प्रार्थना से किया गयाकार्यक्रम के सूत्रधार प्रदीप जोशी ने प्रत्येक गीत के भावों को प्रदर्शित करते हुए गीतों की सिचुएशन पर भी प्रकाश डाला।इस अवसर पर एम पी डब्ल्यू ए बी के छात्रों के अतिरिक्त के डी परसाई, अजय चौधरी, संदीप पाराशर सहित बड़ी संख्या में संगीत रसिक उपस्थित थे।कार्यक्रम के अंत में संस्था के सचिव आधार सिंह चौहान आभार व्यक्त किया।
मध्य प्रदेश दृष्टिहीन कल्याण संघ में संगीत संध्या में भजन एवं पुराने फिल्मी गीतों ने समा बांधा
मध्य प्रदेश दृष्टिहीन कल्याण संघ किला मैदान इंदौर आयोजित संगीत संध्या कार्यक्रम में गायक कलाकारों के द्वारा गाये गए भजन एवं नए पुराने गीतो का दिव्यांग (दृष्टिहीन) जनों ने भरपूर आनंद लिया।अंजू सोनी एवं अर्पित चौधरी ने कार्यक्रम की शुरुआत 'श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम' भजन से करते हुए, कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया, 'गोरी है कलाइयां' जैसे कई पुराने गीत गाए। अंजू सोनी व दीपक सोनी ने 'रे हम तुम चोरी से बंधे एक डोरी से' गाकर माहौल को रंगीन कर दिया,हिना के साथ अर्पित चौधरी ने 'ये मौसम का जादू है मितवा' गीत गाया।
