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नजीबाबाद में मौहम्मद रफी फैंस ने 46वीं पुण्यतिथि पर दी मौहम्मद रफी को सुरीली श्रद्धांजलि

नजीबाबाद (बिजनौर) नगर के रफी फैंस ने "एक शाम रफी के नाम " का आयोजन कर सदी के महान गायक पद्वमश्री मौहम्मद रफी की 46वी पुण्यतिथि पर दी सुरीली श्रद्धांजलि। गायक कलाकारो ने अपनी मधुर आवाज़ मै रफी साहब के गाये गीतो को पेश का उपस्थित श्रोताओ को मंत्रमुध कर दिया। श्रोताओ ने तालिया बजा,बजा कर गायक कलाकारो का हौसला बढाया।      नगर के मौहल्ला मुनीरगंज में मास्टर दिलदार अहमद के आवास पर सदी के महान गायक पद्वमश्री मौहम्मद रफी की 46वी पुण्यतिथि पर एक गीतो भरी शाम "याद ए रफी" के नाम से आयोजित की गई। जिस में मौहम्मद रफी फैंस ने अपनी मधुर आवाज़ मै रफी साहब के गाये गीतो को पेश का उपस्थित श्रोताओ को मंत्रमुध कर दिया। श्रोताओ ने तालिया बजा, बजा कर गायक कलाकारो का हौसला बढाया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वसीम अहमद आईएफसीटी एमडी ने कहा की आज रफी साहब के दुनिया से जाने के बाद भी उन की कला और खूबसूरत आवाज़ उन्हे जिन्दा रखे हुए है , उन की ये कला उन्हे कभी मरने नही देगी। वो रहती दुनिया तक यू ही लाखो की जुबान और दिलो मै जिन्दा रहेगे। कार्यक्रम में शादाब ज़फर ने आने से उस के आये बहार, जाने से उस के जाये बहार व तुम मुझे यू भूला ना पाओगे। दिलदार अहमद ने क्या हुआ तेरा वादा वो कसम वो इरादा व मुझे दर्द ए दिल का पता ना मुझे आप किस लिए मिल गये।
अल्ताफ रजा़ ने रंग और नूर की बारात किसे पेश करू व मै कही कवि ना बन जाऊ तेरे प्यार मै ए कविता। लईक अहमद उर्फ लक्की ने छलकाये जाम आप की आईये आप की आंखों के नाम होठो के नाम खुदा भी आसमा से जब ज़मी पर देखता होगा। मेरे महबूब को किसने बनाया। पेशकर कर समा बांध दिया।  कार्यक्रम बहुत कामयाब रहा श्रोता रफी साहब के सदाबहार नग़मो को सुनकर झूमती रहे।आयोजित कार्यक्रम में पत्रकार, शायर व रफी प्रेमी सिंगर शादाब जफर कहना है कि आज रफी साहब के इन्तेकाल के 46 साल बाद भी रफी प्रेमियो को भारत सरकार से रफी साहब को भारत रत्न पुरस्कार देने की मांग करनी पड़ रही है। अपने मुल्क से इतनी मुहब्बत करने वाला शख़्स जिसने अपनी आवाज़ से हिंदुस्तानी फ़ौज में जंग के वक़्त एक नया जोश भर दिया था। जो अपने भजन से भक्ति का एक माहौल क़ायम कर देता था, जो रोमांस को एक नया आयाम दे देता था, जिसकी ग़ज़ल दिल-ओ -दिमाग़ पर छा जाती है। जिस ने अपनी गायकी से भारत का नाम पूरी दुनियां में रोशन किया। आज भी घर घर मैं उनके गीत बजते सुनाई देते है। नए गायक उनसे प्रेरणा लेते है। उन्होने हर एक्टर के लिए गाया। उनके अद्भुत, सराहनीय और असाधारण फ़िल्म संगीत मैं योगदान के लिए वे भारत रत्न के सच्चे हक़दार है।  देश के ऐसे महान गायक को अगर भारत सरकार 'भारत रत्न' से नवाज़ती है तो ये रफी प्रेमियो के लिए एक बहुत बडा़ तोहफा होगा।

*नजीबाबाद से सपना वर्मा की रिपोर्ट*

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