सुभाष सोनी एवं शीतल जायसवाल ने 'महबूब मेरे महबूब मेरे' की प्रस्तुति दी, वहीं दीपक सोनी ने 'चांद सी महबूबा हो मेरी कब' गीत गाया, दीलिप एवं हीना ने 'वादा कर ले साजना' तथा अर्पित एवं अंजू ने लगातार तीन गीत गाते हुए पूरे सभागृह को मस्ती से भर दिया। विनोद नीमा व अंजू ने 'तुझे जीवन की डोर से बांध लिया है' गाकर समां बांध दिया।अंजू सोनी की परिकल्पना पर आधारित यह कार्यक्रम बहुत ही कसावट लिए हुआ था। एंकर अर्पित चौधरी, अंजू सोनी, प्रदीप जोशी ने विभिन्न गीतों की भूमिका तथा फिल्मों में अभिनीत करने वाले कलाकारो की विशेषताओ पर भी प्रकाश डाला।
शिव स्वरांजली ग्रुप के सदस्यों ने नये -पुराने गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
प्रीतम लाल दुआ सभागृह में शिव स्वरांजलि ग्रुप के सदस्यों ने नए -पुराने गीत गाकर श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। प्रारंभ में अतिथि योगेश द्विवेदी, सुरेश भीटे, प्रदीप जोशी,अजय चौधरी ज्योति श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलन किया। सरस्वती वंदना तथा वंदे मातरम से अंजू सोनी ने कार्यक्रम की शुरुआत की। अंजू एवं दीपक सोनी ने कार्यक्रम का टाइटल सॉन्ग 'चांदनी रात में' की जोरदार प्रस्तुति देते हुए श्रोताओं को झूमने लिए विवश कर दिया।अर्पित चौधरी और कविता गवली ने 'दिल तो पागल है दिल दीवाना है' गाकर माहौल को रोमांटिक बना दिया। विजय सोनी एवं अंजू सोनी ने 'यार बिना चैन कहां रे' की शानदार प्रस्तुति दी। अजय बक्षी ने 'सुहानी चांदनी राते हमें सोने नहीं देती' तथा अंजू के साथ मिलकर दो गाना 'आपकी आंखों में कोई शरारत तो नहीं' गाकर बहुत दाद बटोरी।
