पार्थिव शिवलिंग पूजन के प्रमुख आचार्य थे पंडित लक्ष्मी कांत शुक्ल मंदसौर तथा पंडित कपिल शास्त्री धुंधड़का।21 जोड़ों ने पार्थिव शिवलिंग बनाकर भक्ति भाव से अभिषेक, पूजन किया।मुख्य जजमान मंदसौर महासभा के अध्यक्ष मनोज दुबे एवं उनकी धर्मपत्नी संगीता दुबे थे। इसी के साथ विभिन्न क्षेत्रों तथा परीक्षाओं में श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने वाले वाले बालक बालिकाओं को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी/ स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया गया।
प्रदीप जोशी ने कहा कि सामाजिक एकता से ही राष्ट्रीय एकता संभव है। उन्होंने मंदसौर में समाज के भवन की आवश्यकता पर भी बल दिया,हरि वल्लभ शर्मा ने कहा कि हम सभी समाजजन मिलकर समाज के विकास हेतु निरंतर कार्य करेंगे शीघ्र ही एक सामूहिक विवाह सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। शैलेंद्र शर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि बुजुर्ग हमारी धरोहर होते हैं
तथा प्रतिभा हमारा भविष्य अतः इनका सम्मान हमेशा किया जाना चाहिए।मनोज दुबे अध्यक्ष मंदसौर महासभा ने बताया कि समाज की धर्मशाला मंदसौर में शीघ्र ही स्वरूप लेगी उपस्थित सामाजिक सदस्यों ने भी धर्मशाला भवन बनाने के लिए चर्चा मे भाग लिया तथा यथोचित सहयोग करने का वादा किया।नरोत्तम उपाध्याय अध्यक्ष औदुम्बर ब्राह्मण समाज जिला मंदसौर ने बताया
कि समाज के संगठन व एकता के लिए हम सभी मिलकर एक साथ कार्य करते रहेंगे। इस अवसर पर घनश्याम उपाध्याय पानपुर, राधेश्याम जोशी , चंद्रशेखर शर्मा, बंसीलाल उपाध्याय, अशोक जोशी,नर्मदा शंकर जोशी, सुरेशचंद सावरा,राधेश्याम द्विवेद्वी, अनिल परसाई मंदसौर, पवन सांवरा अध्यक्ष लदुना महासभा, डॉक्टर कैलाश मुवाला, गोविंद सांवरा सीतामऊ, ओम पाठक , भेरूलाल पाठक व रामेश्वर पाठक गुजर बर्डीया, कैलाश शर्मा धुंधडका, नंदलाल साखतली, नंद किशोर दुबे दलौदा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बहन भाई, महिला पुरुष युवा बच्चे आदि उपस्थित थे। महासंघ अध्यक्ष प्रदीप जोशी तथा अखिलेश द्विवेदी के आग्रह पर उपस्थित समस्त समाज जनों ने झूठ ना बोलने की शपथ ली। कार्यक्रम का समापन औदुम्बर है हम औदुम्बर ब्राह्मण गीत के साथ हुआ।संचालन मनोज दुबे ने किया तथा लक्ष्मीकांत शुक्ल ने आभार व्यक्त किया।
