कलाली नगर चौराहे पर पूर्व मंत्री पंडित योगेंद्र महंत द्वारा बसों का विधि विधान से पंडित द्वारा पूजन करा कर यात्रियों को मां बगलामुखी चुनरी यात्रा के लिए जयकारों के साथ रवाना हुए 10 से अधिक मंचों से चारभुजा सेवा मंडल के तीनों मंच के प्रमुख अध्यक्ष घनश्याम वैष्णव का माल्यापर्ण कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
श्री चारभुजा सेवा मंडल" द्वारा *माँ बगलामुखी की चुनरी यात्रा के साथ अन्नकूट महोत्सव सम्पन्न हुआ। गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी अपनी परम्परागत आयोजन के "तीसवें पड़ाव" को पार करते हुए नववर्ष के प्रथम रविवार को मंडल के अध्यक्ष एवम् यात्रा के मुख्य संयोजक श्री घनश्याम जी वैष्णव के कुशल नेतृत्व में चारभुजा सेवा मंडल द्वारा माँ बगलामुखी (नलखेड़ा) के सिद्धपीठ दरबार में बड़ी आस्था और श्रद्धा के साथ भव्य और ऐतिहासिक 11फीट की चुनरी यात्रा संग छप्पन भोग एवम् अन्नकूट महोत्सव सम्पन्न हुआ।
नववर्ष के प्रथम सप्ताह पर माँ बगलामुखी के दरबार में मंदिर प्रशासन की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की असंख्य भीड़ को देखते हुए मंडल प्रमुख वैष्णव ने इन्दौर से निकली पूरी यात्रा की अवधि में सिद्धपीठ मंदिर के मुख्य पुजारी एवम् व्यवस्था प्रमुख के सतत् सम्पर्क में रह कर इन्दौर से नलखेड़ा तक मंडल के यात्रियों के स्वागत हेतु प्रतिक्षारत मंचों की संख्या नियंत्रित करते रहे।
श्रीचारभुजा जी के तीनों मंडल प्रमुख घनश्याम वैष्णव जी के अनुसार इस आयोजन के निमित्त माँ बगलामुखी मंदिर (नलखेड़ा) पहुंचने के लिए सिद्धपीठ के आसपास के भक्तों के अतिरिक्त महानगर के सुदूर अंचलों से लगभग 500 से अधिक श्रद्धालु सम्मिलित हुए जिनके आने-जाने के लिए मंडल द्वारा कड़कती ठंड को देखते हुए चार लग्जरी बसों की विशेष व्यवस्था की गई थी। चारभुजा महिला मंडल की अध्यक्ष जया तिवारी ने बताया कि मंडल सहित मंडल से जुड़ी बड़ी संख्या में मातृ-शक्तियों ने अपनी सहभागिता की।मंडल की महासचिव कमलेश शुक्ला एवम् उपाध्यक्ष रानू शुक्ला ने बताया कि इस यात्रा हेतु मां बगलामुखी की आराधना के प्रतीक पीले रंग के वस्त्रों का चयन निर्धारित कर सभी श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए।
चारभुजा गरबा मंडल महिला संगठन प्रमुख राधिका वैष्णव के कथनानुसार इस यात्रा ने प्रतिवर्ष की तरह अपनी ही लोकप्रियता का रिकॉर्ड तोड़ते हुए "चारभुजा सेवा मंडल" के प्रत्येक आयोजनों की तरह हमारा यह "भक्तिमय अन्नकूट महोत्सव" भी न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि हमारी यात्रा सामाजिक समरसता, एकता, श्रद्धा और सेवा की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए एक नया आयाम स्थापित किया।
गरबा मंडल अध्यक्ष डिम्पल तिवारी ने बताया कि यात्रा का आरंभ महानगर इन्दौर पश्चिम क्षेत्र के कालानी नगर से प्रातः 8 बजकर 30 मिनट पर माता जी की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न स्थानों एवम् बसों द्वारा मंदिर पहुंचे सभी श्रद्धालुओं के साथ सुबह चुनरी यात्रा निकाली गई, जिसमें माता जी की जयकारों के साथ चुनरी लेकर श्रद्धालु मंदिर परिसर तक रात्रि 10 बजे पहुंचें। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता जी की विशेष पूजा-अर्चना कर 56 भोग अर्पित किया। अंत में सभी श्रद्धालुओं ने अनुकूट महाप्रसादी का वितरण करते हुए भोजन प्रसादी किया ग्रहण किया।
महासचिव हेमा नामदेव और गरबा प्रभारी याशिका राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि चारभुजा सेवा मंडल द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु यात्रा, सुरक्षा, अनुशासन एवं प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्थाएं की गई थी जिसके अंतर्गत यात्रा की वापसी पर सभी श्रद्धालुओं को राधिका वैष्णव द्वारा माता के श्रीचरणों में अर्पित प्रसाद का वितरण किया गया।
