Type Here to Get Search Results !

बिजनौर में शिक्षा प्रेरकों ने बकाया मानदेय दिलाने हेतु धरना देकर जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा

 साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत संविदा पर प्रत्येक ग्राम सभा में खोले गए ग्राम लोक शिक्षा केदो पर संविदा पर पूर्व में रखे गए जनपद बिजनौर के विकासखंड मोहम्मदपुर देवमल के शिक्षा प्रेरकों ने बकाया मानदेय के भुगतान के लिए आज खंड विकास अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल के कार्यलय में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। धरना स्थल पर पहुंचे उप सचिव - साक्षर भारत मिशन /खंड  शिक्षा अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल एवं खंड विकास अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल को अपने बकाया मानदेय भुगतान संबंधित दो सूत्रीय मांग पत्र दिया। धरना स्थल पर एकत्र हुए विकास खंड मोहम्मदपुर देवमल के शिक्षा प्रेरको ने सरकार पर प्रेरकों को बेरोजगार करने और उनका लगभग 18 महीने का मानदेय न देने का आरोप लगाते हुए शिक्षा प्रेरकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया तथा कहा कि साक्षरता, वैकल्पिक शिक्षा, उर्दू एवं प्राच्य भाषा विभाग भारत सरकार द्वारा वर्ष 2009 -10 में पूरे प्रदेश में साक्षर भारत मिशन योजना लागू करके प्रत्येक ग्राम सभा पर एक महिला एवं एक पुरुष प्रेरक को तैनात करके 15 वर्ष से ऊपर की उम्र के लोगों को साक्षर बनाने के लिए प्रेरित करने का कार्य दिया था। लेकिन सरकार ने जनपद बिजनौर के लगभग 2250 प्रेरको के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए साक्षर भारत मिशन योजना को 31 मार्च 2018 को बंद कर दिया था। सरकार द्वारा प्रेरकों से बीएलओ से लेकर हाउसहोल्ड सर्वे और अन्य सरकारी योजनाओं में भी काम लिया गया था। इन सब के बावजूद भी अकेले जनपद बिजनौर के लगभग 2250 प्रेरकों को उनका 18 माह का मानदेय आठ वर्ष बाद भी नहीं दिया गया। जिसके कारण बेरोजगारी का दंश झेल रहे प्रेरकों के परिवार में रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस अवसर पर प्रेरक एकता कल्याण समिति (पंजीकृत) के जिला अध्यक्ष पुखराज सिंह मलिक ने कहा कि बकाया मानदेय के संबंध में भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 को साक्षरता विभाग की ऑडिट कराई गई थी। ऑडिट टीम द्वारा धनराशि के सापेक्ष वांछित साक्षरता कर्मियों का सत्यापन/ प्रमाणित विवरण निर्धारित प्रपत्र पर उपलब्ध करा कर साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत रहे साक्षरता कर्मियों का अवशेष मानदेय का भुगतान करने का अनुरोध किया गया था। लेकिन भारत सरकार ने बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए उनके अवशेष मानदेय 8 वर्ष बाद भी निर्गत नहीं किया। जिसके चलते बेरोजगार हो चुके शिक्षा प्रेरकों के परिवार में आर्थिक संकट पैदा हो गया है। धरना स्थल पर पहुंचे प्रेरक एकता कल्याण समिति के जिला अध्यक्ष  पुखराज सिंह मलिक ने भारत सरकार से मांग की कि साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्य कर चुके और बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों को उनका बकाया मानदेय एक मुफ्त दिलाया जाए तथा साक्षरता कर्मियों को अनुभव के आधार पर किसी भी विभाग में समायोजित किया जाए। अथवा बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों को बेरोजगारी भत्ता दिलाया जाए। साक्षरता कर्मियों ने इस अवसर पर उप बेसिक शिक्षा अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल एवं खंड विकास अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल को जिलाधिकारी बिजनौर के नाम दो सूत्रीय मांग पत्र देकर प्रेरकों का मानदेय एकमुश्त दिलाने एवं साक्षरता कर्मियों को किसी भी विभाग में समायोजित करने की मांग की। ब्लॉक अध्यक्ष नरेश कुमार  की अध्यक्षता एवं वृक्षपाल सिंह के संचालन में संपन्न सांकेतिक धरना प्रदर्शन में चौधरी ईशम सिंह (जिला महामंत्री), विपिन कुमार, सलोनी, निप्पल, लिकेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, वीर सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, नरेश कुमार, वृक्ष पाल सिंह, वंदना, सुरेश कुमार आदि सैकड़ो प्रेरक उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

24 News in India