इस अवसर सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया गया। सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कर योग के महत्व को समझा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शक्ति भारद्वाज मित्तल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ, मन शांत तथा जीवन संतुलित रहता है। उन्होंने सभी से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन जीने की एक कला है। योग से व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास होता है। साथ ही यह अनुशासन, एकाग्रता तथा आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।कार्यक्रम के अंत में सभी उपkस्थित लोगों ने स्वस्थ, सुखी एवं निरोग जीवन के लिए नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।
