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धामपुर में पीर बाबा मार्ग से दीवार हटने पर बढ़ा विवाद,एक पक्ष में आस्था तो दूसरे में वर्षों पुराने रास्ते के खुलने की खुशी

 धामपुर (बिजनौर)। नगर की शिक्षक बिहार कॉलोनी स्थित पीर बाबा मजार परिसर में बने दो छोटे छोटे गेटों को प्रशासन द्वारा बुलडोजर से हटाए जाने के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल उत्पन्न हो गया है।एक ओर जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस कार्रवाई को धार्मिक स्थल से जुड़ी आस्था पर चोट बताते हुए विरोध दर्ज कराया वहीं दूसरी ओर धामपुर हुसैनपुर उर्फ पुराना धामपुर एवं शिक्षक बिहार कॉलोनी के अनेक निवासियों ने वर्षों पुराने मार्ग के चौड़ीकरण को जनहित में उठाया गया कदम बताते हुए संतोष व्यक्त किया है।शुक्रवार देर रात प्रशासन की टीम नायब तहसीलदार कपिल कुमार आजाद के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और मजार के दोनों ओर बनी दीवारों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान विरोध भी हुआ लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपना अभियान जारी रखा। घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।बताया जाता है कि कुछ दिन पूर्व शिक्षक बिहार कॉलोनी निवासियों ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि मजार के पास बने निर्माण के कारण सार्वजनिक मार्ग संकरा हो गया है तथा आवागमन में कठिनाई हो रही है। शिकायत के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश भी की थी।कार्रवाई के विरोध में सांसद प्रतिनिधि एवं जिला पंचायत सदस्य विवेक सेन अपने समर्थकों के साथ मजार परिसर पहुंचे और प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी नगीना लोकसभा क्षेत्र के सांसद चंद्रशेखर आजाद को भी दे दी गई है। मजार से जुड़े लोगों का कहना है कि जिस भूमि को रास्ता बताया जा रहा है वह मजार परिसर का हिस्सा है और राजस्व अभिलेखों में भी किसी सार्वजनिक मार्ग का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।उधर,समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना और विधिक प्रक्रिया का पालन किए मजार की दीवार को क्षतिग्रस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि नासिर बाबा मजार वर्षों से सभी धर्मों एवं समुदायों की आस्था का केंद्र रहा है। सपा नेताओं ने प्रशासन से दीवार का पुनर्निर्माण कराने तथा शहर में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की मांग की।ज्ञापन देने वालों में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक सहित अनेक नेता मौजूद रहे।वहीं दूसरी ओर धामपुर हुसैनपुर उर्फ पुराना धामपुर और शिक्षक बिहार कॉलोनी के लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत किया है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मार्ग दशकों पुराना सार्वजनिक रास्ता है,जिस पर वर्ष 1961 से पहले से ही सभी समुदायों के लोग आवागमन करते रहे हैं।उनका आरोप है कि समय के साथ धीरे-धीरे रास्ते के दोनों ओर निर्माण कार्य कर मार्ग को इतना संकरा कर दिया गया कि वहां से केवल ई-रिक्शा ही निकल पाता था।क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक विभिन्न सरकारों और जनप्रतिनिधियों से इस समस्या की शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
वर्तमान प्रशासन द्वारा शिकायत पर त्वरित कार्रवाई किए जाने से लोगों को राहत मिली है। उनका यह भी कहना है कि राजस्व अभिलेखों में केवल पीर साहब की मजार का उल्लेख है जबकि मस्जिद अथवा कब्रिस्तान के रूप में भूमि दर्ज नहीं है।फिलहाल यह मामला केवल एक रास्ते या दीवार का नहीं बल्कि आस्था,परंपरा,कानून और जनसुविधा के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौती बन गया है। प्रशासन की आगामी कार्रवाई और आधिकारिक स्थिति पर अब पूरे नगर की निगाहें टिकी हुई हैं। नागरिकों की भी अपेक्षा है कि समाधान ऐसा निकले जो कानून सम्मत होने के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास को भी मजबूत करे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना स्थल पर अब तक शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपजिलाधिकारी,एसपी पूर्वी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सहित पीएसी व कई थानों का भारी पुलिस बल मौजूद है।इसके अतिरिक्त राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही।

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